पंचांग · जयपुर
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जयपुर का पंचांग दूसरे शहरों से अलग क्यों है
तिथि, नक्षत्र, योग और करण आकाश की स्थिति हैं — ये एक ही क्षण में पूरी पृथ्वी पर एक जैसे होते हैं। इनमें जयपुर और किसी दूसरे शहर में कोई अंतर नहीं।
पर सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, गुलिक काल, यमगंड और अभिजित मुहूर्त — ये सब जयपुर के अपने सूर्योदय से निकलते हैं। एक डिग्री देशांतर का अंतर लगभग चार मिनट का फ़र्क़ डाल देता है।
इसीलिए जो पृष्ठ आपसे शहर नहीं पूछता, वह जयपुर का सही राहुकाल नहीं बता सकता — चाहे वह कितना भी बड़ा नाम हो।
राहुकाल निकलता कैसे है
इसमें कोई रहस्य नहीं है। जयपुर के सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटिए। हर वार के लिए एक भाग तय है — रविवार को आठवाँ, सोमवार को दूसरा, मंगलवार को सातवाँ, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, शुक्रवार को चौथा, शनिवार को तीसरा।
चूँकि दिन की लंबाई मौसम के साथ बदलती है, आठवाँ हिस्सा भी बदलता है — गर्मियों में राहुकाल लंबा, सर्दियों में छोटा। यह अपने आप निकलता है, किसी छपी तालिका से नहीं।
यह क्या नहीं करता
यह पृष्ठ पंचांग के आँकड़े देता है — वही आधार-सामग्री जिस पर पुरोहित और ज्योतिषी काम करते हैं। यह निर्णय नहीं देता।
विवाह, गृह प्रवेश या नामकरण का मुहूर्त अकेले पंचांग से तय नहीं होता; उसमें जन्म कुंडली, गुण मिलान और ग्रह-दशा लगती है। इसे आप ऐसे भी देख सकते हैं — यह तराज़ू है, वैद्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जयपुर में आज राहुकाल कब है?
ऊपर की तालिका में जयपुर का आज का राहुकाल दिख रहा है, और वह हर दिन अपने आप बदलता है। राहुकाल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ भागों में बाँटकर निकाला जाता है, इसलिए यह जयपुर के अपने सूर्योदय पर आधारित है — किसी और शहर का राहुकाल यहाँ लागू नहीं होगा।
जयपुर में आज का नक्षत्र कौन सा है?
ऊपर नक्षत्र, वह कब तक है और उसके बाद कौन सा आएगा — तीनों दिए गए हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से तय होता है, इसलिए यह पूरे भारत में एक ही होता है; बस आपकी घड़ी के अनुसार समय अलग दिखता है।
जयपुर का आज का सूर्योदय और सूर्यास्त कितने बजे है?
ऊपर दोनों समय जयपुर के अक्षांश 26.9124° और देशांतर 75.7873° से निकाले गए हैं, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। यही कारण है कि ये समय दूसरे शहरों से अलग होंगे — एक डिग्री देशांतर का अंतर लगभग चार मिनट का फ़र्क़ डालता है।
क्या यह पंचांग विवाह या गृह प्रवेश का मुहूर्त बताता है?
नहीं। यह पंचांग के आँकड़े देता है, निर्णय नहीं। विवाह जैसे कार्यों का मुहूर्त वर-वधू की जन्म कुंडली और कई अन्य नियमों पर निर्भर करता है, जो अकेले पंचांग से तय नहीं होते। उसके लिए अपने पुरोहित से ही परामर्श करें।
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